ज़मीन फाड़कर निकलने वाले Rampal के चमत्कार का सच…

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हमारे देश को ऋषियों और मुनियों के देश कहा जाता है,उन्हें भगवान तुल्य समझा जाता है ।वहीं पिछले कुछ सालों में देश की कुछ संतों ने लोगों की भावनाओं के साथ ऐसा खिलवाड़ किए हैं की, उनका विश्वास मानो छल सा उठा है। देश में खुद को बाबा बताने वाले कुछ ऐसे ढोंगी लोग हुए हैं,जिनके कारनामे और करतूत संतों के नाम पर एक कलंक साबित हुए। 2000 में करोंथा कांड में फंसे बाबा रामपाल भी उन्हें ढोंगी बाबाओं में से एक है। गिरफ्तारी के बाद रामपाल का घिनौना सच लोगों के सामने आया।



1- विवादों के बादशाह हैं बाबा रामपाल

सोनीपत के धनाना गांव में जनमें रामपाल या संत रामपाल शुरुआती दौर में एक भारतीय धर्मिक नेता थे जो कबीर पंथ के लीडर थे।हरियाणा के हिसार क्षेत्र में स्थित सतलोक आश्रम इन्होंने ने ही बनाया था। रामपाल के समर्थक अपने संत को चमत्कारी बाबा कहते थे ,वहीं उनके संत हमेशा अपने बयान बाजी से विवादों में घिरे रहते थे।सन २००६ में स्वामी दयानंद पर एक बयान दिया था इस कारण आर्य समाज के समर्थकों और रामपाल के समर्थकों के बीच आश्रम के बाहर हिंसक वार्ता झड़प हुई थी जिसमें एक महिला की मौत होनी की ख़बरें आई थी। इसके बाद उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा।



2- चमत्कार के नाम पर कर चुके हैं ये कारनामे

आजादी के बाद पंजाब और हरियाणा के दबे कुनबे के लोग रामपाल राम रहीम जैसे बाबाओं के चक्कर में पड़ते हैं और उन पर अंधा विश्वास करते हैं बाबाओं के बने डेरों पर इन अंध भक्तों का जमावड़ा हमेशा बना रहता है। धूम और भक्ति में इतने अंधे हो चुके हैं कि विज्ञान के इस दुनिया में भी उन्हें बाबा के अंदर चमत्कार नजर आता है।



3- सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों के जमावड़े में हज़ारों समर्थकों में से एक मनोज दास का कहना था, “बाबा एक चमत्कारी आत्मा है जो धरती पर भगवान का स्वरूप है। कुछ लोग इन्हें फंसा रहे है पर हम खड़े रहेंगे जितनी भी गोलिया क्यों न बरसें”। मनोज का कहना था कि रामपाल तो पशुओं से भी बात कर सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में रामपाल की ज़ब्त की गई ज़मीन को उन्हें लौटने के लिए हरियाणा सरकार को निर्देश दिया।इसके एक महीने बाद ही मई में आश्रम के बाहर फिर झड़प हुई जिसमें दो लोग मारे गए थे।



4- बाबाओं पर नेताओं के आते हैं ऐसे बयान

रामपाल के प्रभावशाली डेरे के हरियाणा में 50 लाख भक्त हैं।हत्या, यौन शोषण और हाल ही में अपने 150 सेवकों को जबरन नपुंसक बनाने के आरोपों का हरियाणा और पंजाब की अलग-अलग अदालतों में सामना कर रहे है। रोहतक से बीजेपी के पूर्व विधायक रहे नरेश मालिक का कहना था, “मैंने रामपाल का मुद्दा हरियाणा विधानसभा में उठाया था. लेकिन सरकार ने उसे नज़र अंदाज़ किया. मेरी पार्टी में भी कई लोग बाबा की असलियत नहीं जानते है।”उन्होंने कहा, “लोग कहते थे कि चुनाव से पहले बाबा का आशीर्वाद ले लो पर मैंने मना किया क्योंकि वह अधर्मी है और सभी तरह के ग़लत काम करते हैं”।







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