ज़िन्दगी में सक्सेस पाने बेहतरीन वज़ीफ़ा…

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कुरान में खुदा का इल्म है और मेरे नबी के जुबां से निकला है. अगर इंसान नाकामी के समन्दर में डूब रहा हो या गर्क हो रहा हो तो उससे कैसे बचा जा सकता है. इससे बचने का तरीका भी बता दिया गया है. बताया गया है कि चार काम करने वाले नाकामी से बच सकते हैं. लेकिन उससे पहले हम आपको यह बता दें कि दरअसल नाकामी कहते किसे हैं अल्लाह की नज़र में. हम आपको बता दें कि हर मुसलमान को यह पता होना चाहिए कि खुदा का राज़ी हो जाना कामयाबी है और अल्लाह का राज़ी न होना नाकामयाबी है.



जन्नत का मिल जाना कामयाबी है और दोज़क का मिल जाना नाकामयाबी है. यह कुरआन का मह्फूं है.इसका मतलब यह है कि जो जहन्नम से बचकर जन्नत को पा लेना कामयाबी है और जहन्नम में चला जाना ज़िन्दगी भर की नाकामयाबी है. यह बात हर मुसलमान को याद करना चाहिए. अगर बात दुनिया की करें तो यहाँ पर पैसों का मिल जाना एक वक्ती कामयाबी कह सकते हैं और पैसों का न मिलना एक वक्ती नाकामयाबी है. लेकिन जन्नत और दोज़क सदा के लिए है और इससे मिलने वाल कामयाबी या नाकामयाबी भी हमेशा के लिए है.



दरअसल कह यह भी सकते हैं कि अगर पैसों की सिर्फ बात करें तो यह कामयाबी या नाकामयाबी तो है ही नहीं. दरअसल महज़ यह हालात हैं. इम्तिहान हैं. अल्लाह ने यजीद को तख़्त दे दिया और हुसैन को नेजे पर चढ़ा दिया. लेकिन यह सब कुछ वक्ती तौर पर था. इसका मतलब यह कतई नहीं हैं कि खुदा हुसैन से नाराज़ हैं और यजीद से राज़ी हैं. यह बात हर मुसलमान को सोचना चाहिए और इस लिहाज़ से अपना अमल और दुरुस्त करना चाहिए. इसके अलावा आप यह वीडियो ज़रूर देखें और आगे लोगों तक भी ज़रूर पहुचाएं.



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